वक़्त के साये मे धीमे से बहते
जीवन के पलों को
हाथो की मुट्ठी में थामने का
असफल सा प्रयत्न करते हुए
हम विचार कर रहे है
भविष्य के सपनों का
नित नए सपने संजोये
कुछ पाने के ख्वाहिश लिए
जीवन की बाधाओ से
लड़ने का साहस बटोर
हम जीए चले जा रहे है
कभी अपनों का साथ लिए तो
कभी परायों को अपना बना
आगे ही आगे बड़े जा रहे है
पर अब तो ज़रा ठहरो
ज़रा सोचो
आखिर क्यों और किस के लिए
इतना भाग रहे हो
किस के लिए वर्तमान की बलि चदाये
भविष्य के सपने बुन रहे हो
भविष्य वर्तमान के अस्तित्व में ही बनता है
पर क्या उसके लिए वर्तमान का बलिदान ज़रूरी है
जीवन के इस द्वन्द में कुछ खोने पाने का हिसाब रखना क्या ज़रूरी है
आखिर हम क्या कर रहे है और क्यों कर रहे है
क्या कभी हमने सोचा है, विचार किया है
अगर नहीं तो ज़रा सोचिये
और जीवन के इन पलों को जीवन भर के लिए जी लीजिये
nice