वक़्त के पन्नों में सिमटी
किसी पुरानी कहानी में
कुछ सपने छिपकर
जिन्दगी के साथ चले जा रहे है
बस चले जा रहे है
किस्मत के दरवाज़े पर
दस्तक दे कर
मन को गुदगुदा कर
फिर चले जा रहे है
बस चले जा रहे है
बंद हाथो से वक़्त को
थमने की नाकाम कोशिश कर
थक सा गया हूँ
पर फिर भी वो सपने
फिर आकर मन को
हंसा कर चले जा रहे है
बस चले जा रहे है
वक़्त के पन्नों में कुछ सपने जिए जा रहे है
बस जिए जा रहे है
बहुत बेहतरीन..